पिथौरा/महासमुंद - कंचनपुर में धुमधाम और हर्षोल्लास के साथ छेरछेरा का त्योहार मनाया गया । गांव के युवक और बच्चों नें छोला और बोरी हाथ में पकड़ कर छेर छेरा कोठी के धान हेर हेरा बोलते हुए साथ में मादर , की ताल और खज्जनी ,बजाते नाचते गाते हुए गांव में सभी घरों में घूम -घूम कर छेरछेरा का त्योहार मनाया।
कहाजाता है कि पुष्पुन्नी पर्व मे पुराने जमाने में जमींदार, गौटिया जनों द्वारा निर्धन बनिहारो, मजदूरों के घरों में जाकर आज एक दिन भिक्षा (छेर छेरा)मांग कर छोटो - बड़ों अमीर गरीब की दूरियां समाप्त की परम्परा आरंभ की हैं, निर्धन -संपन्न लोंगो के बीच की दुरी को ख़त्म करने वाले इस पर्व में अमीर सम्पपन्न लोग गरीबो के घर घर जाकर छेर छेरा में धन -अन्न -धान्य की मांग करते हुए खुशी प्रकट करते है ।
इसके बदले में देने वाले धन देकर, धान देकर, टाफीयाँ- बिस्किट की पुड़िया उपहार स्वरूप दान देनें की नेंग़ को पूरा करते है । धार्मिक ग्रंथों में दान की महिमा का उल्लेख करते हुए मनुस्मृति में कहा गया है-
तपः परं कृतयुगे त्रेतायां ज्ञानमुच्यते।द्वापरे यज्ञमेवाहुर्दानमेकं कलौ युगे॥
अर्थात् सतयुग में तप, त्रेता में ज्ञान, द्वापर में यज्ञ और कलियुग में दान ही मनुष्य के कल्याण का सर्वोत्तम साधन है, यह पुष्पपुनी पर्व भगवान विष्णु के लिये समर्पित होती है सुबह स्न्नान कर भगवान विष्णु की पूजा आरती करते हैं।
सवेरा 24 न्यूज राजेश साव 7240825555
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