हेल्पलाइन नंबरों को अपनाएं, साइबर ठगी, नशा और अपराध को जड़ से मिटाएं।

 






महासमुंद पुलिस द्वारा आम जनता को सचेत, सतर्क व जागरूक करने के उद्देश्य से संपूर्ण जिले मे "नवा बिहान" बैनर तले जागरूकता कार्यक्रम संचालित की जा रही है। जिसके तहत सार्वजनिक स्थानों जैसे हाट-बाजार, स्कूल, कालेज, बस स्टैंड, बैंकों व चौक-चौराहो, गली मुहल्लो मे, लोगो के बीच पहुँचकर पुलिस द्वारा साइबर अपराध से बचाव, सोशल मीडिया सुरक्षा, ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव, जरूरी हेल्पलाइन नंबर, नशा मुक्ति संदेश, गौ तस्करी रोकथाम के बारे मे लोगो को जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही, आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी, नशा मुक्ति का संदेश और गौ-तस्करी की रोकथाम जैसे गंभीर विषयों पर भी लोगों को जागरूक कर सजग नागरिक बनाया जा रहा है। 

इस सप्ताह जिले के चौकी टूहलू ग्राम खैरटकला के साप्ताहिक बाजार में, थाना खल्लारी ग्राम बी. के. बाहरा के साप्ताहिक बाजार में एवं साप्ताहिक बाजार भंवरपुर में जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया, ग्राम क्षेत्रों के आम जनता को, साइबर जागरूकता, अभिव्यक्ति ऐप, नशा मुक्ति अभियान महिला संबंधी अपराध एवं यातायात सुरक्षा की जानकारी दी गयी। इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ साइबर अपराधों के पैटर्न में भी बड़ा बदलाव आया है। आम जनता को इन खतरों से आगाह करने के लिए यह विशेष जन-जागरण अभियान चलाया जा रहा है। जागरूकता अभियान कार्यक्रम में मोबाइल धारकों को सोशल मीडिया पर सुरक्षा और निजता के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। 



ठगी होने पर क्या करें-?  यदि आप किसी साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो देरी न करें। तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा अपने नजदीकी साइबर सेल या पुलिस थाने में भी सूचना दें।

मोबाईल पर ना करे अंजान लोगो से दोस्ती, पड़ सकती है भारी- पुलिस द्वारा लोगो को बताया जा रहा है की सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट को बिना जांचे-परखे स्वीकार न करें। लोगों से अपील की गई कि वे थर्ड पार्टी ऐप्स और अनजान लिंक्स से दूरी बनाएं रखें और अपनी संवेदनशील जानकारी कभी भी सार्वजनिक न करें।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान- क्षेत्र में गौवंश तस्करी को रोकने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। यदि किसी को भी गौवंश तस्करी या अवैध परिवहन की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत नजदीकी थाने या "संवाद" हेल्पलाइन नंबर 9479229939 पर सूचना दें। 

आपातकाल में 'डायल-112' का करें उपयोग-   पुलिस ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 'डायल-112' की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला। नागरिकों को बताया गया कि किसी भी दुर्घटना, विवाद या आपात स्थिति में 112 पर कॉल करने से पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम तत्काल मौके पर पहुंचती है। कम से कम समय में सहायता प्राप्त करने के लिए इस सेवा का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया गया है। 

'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर वसूली से डरें नही-आजकल अपराधी पुलिस, सीबीआई या जज बनकर वीडियो कॉल करते हैं और 'डिजिटल अरेस्ट' या जेल भेजने की धमकी देकर पैसे वसूलते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी संस्था या अधिकारी इस तरह वीडियो कॉल पर डराकर पैसे की मांग नहीं करता। ऐसे कॉल्स आने पर घबराएं नहीं और न ही घबराहट में गूगल-पे या फोन-पे के माध्यम से पैसे भेजें।

फॉरवर्डेड मैसेज की, पहले सत्यता जांचें- अक्सर सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें और मैसेज वायरल कर दिए जाते हैं। किसी भी फॉरवर्डेड मैसेज की सत्यता को जाने बिना आगे न भेजें। इसके साथ ही व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे ऐप्स पर 'टू-स्टेप वेरिफिकेशन' ऑन रखने की सलाह दी गई ताकि अकाउंट को हैक होने से बचाया जा सके।

"शिकायत हेल्प डेस्क-'संवाद' बना जनता का मददगार- महासमुंद पुलिस द्वारा नागरिकों की त्वरित सहायता हेतु जारी व्हाट्सएप नंबर 94792-29939 अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। 

पुलिस प्रशासन आम जनता से अपील करती है कि किसी भी शिकायत या आपातकालीन सूचना के लिए इस सुविधा का अधिकाधिक उपयोग करें।"
इस नंबर को अपने मोबाइल में सेव कर आसपास हो रही किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल साझा कर सकते हैं। 

"संवाद" हेल्पलाइन में सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसमें दो विकल्प दिए गए हैं: 
विकल्प 1: गुप्त सूचना देने के लिए। 
विकल्प 2: सामान्य शिकायत दर्ज कराने के लिए। 
आपकी दी हुई एक छोटी सी सूचना न केवल किसी बड़े अपराध को रोक सकती है, बल्कि हमारे समाज को सुरक्षित और खुशहाल भी बना सकती है।

"महासमुंद पुलिस के जन-जागरूकता अभियान में 500 से अधिक नागरिकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान पुलिस ने लोगों से नशा छोड़ने और समाज को नशामुक्त बनाने की अपील की। पुलिस ने समझाया कि नशा सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है। आइए, एक ज़िम्मेदार नागरिक बनकर पुलिस का सहयोग करें, नशे को जड़ से मिटाएं और साइबर ठगी जैसी बुराइयों के प्रति खुद भी सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।"


सवेरा24न्यूज़
राजेश साव 7240825555

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