पिथौरा। जन्माष्टमी के पावन पर्व पर बोए गए भोजली का आज आदर्श ग्राम भुरकोनी के चट्टान पारा में भावपूर्ण विसर्जन किया गया। आदि शक्ति जगत जननी की असीम कृपा से यह आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाज और अटूट श्रद्धा-भक्ति के साथ संपन्न हुआ।
गाजे-बाजे और लोकगीतों के साथ निकली शोभायात्राविसर्जन के दौरान गांव का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। ढोल-नगाड़े, गाजे-बाजे और माता भोजली के पारंपरिक लोकगीतों की धुन पर श्रद्धालु नाचते-गाते माता भोजली को विसर्जन के लिए लेकर निकले। महिलाओं ने सिर पर भोजली धारण कर रखी थी और पूरे रास्ते भोजली के पारंपरिक गीत गूंजते रहे।
गणमान्य नागरिकों और ग्रामवासियों की रही उपस्थितिविसर्जन कार्यक्रम में जनपद सदस्य एवं सभापति दिनेश कुमार अग्रवाल, शांति बाई ठाकुर, नारायण साहू, भुवन साहू, सुशील भोई, रतन मिर्धा, बिसरु विश्वकर्मा, मनीराम मिर्धा, गिरधर साहू, महेश साहू, मनीष विश्वकर्मा सहित चट्टान पारा के समस्त ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।इसके साथ ही गांव विकास समिति के अध्यक्ष प्रेम नारायण साहू, श्याम दीवान, सुशील भाई, रोहित साहू एवं देव कुमार साहू सहित अन्य ग्रामीण जन भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
"संस्कृति ही हमारी पहचान है" - प्रेम नारायण साहूइस अवसर पर गांव विकास समिति के अध्यक्ष प्रेम नारायण साहू ने कहा कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है। पारंपरिक पर्व और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से हमारी आने वाली पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रहती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों को मिल-जुलकर मनाने से हमारी सामाजिक एकता मजबूत होती है और सांस्कृतिक विरासत संरक्षित रहती है।
सुख-समृद्धि की कामना के साथ समापनमाता भोजली के विसर्जन के दौरान पूरे चट्टान पारा में श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। अंत में ग्रामीणों ने माता भोजली से गांव की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना करते हुए विसर्जन किया।
सवेरा24न्यूज़राजेश साव 7240825555
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