सल्डीह में श्री जगन्नाथ मंदिर प्रतिष्ठा समारोह का आज तीसरा दिन ।

 



देवरी — ग्राम सलडीह इस समय एक ऐतिहासिक, अद्भुत और अत्यंत भव्य धार्मिक उत्सव का साक्षी बना हुआ है, जहां श्री जगन्नाथ मंदिर प्रतिष्ठा समारोह 8 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026 तक अत्यंत दिव्य और गरिमामय रूप से आयोजित किया जा रहा है। पूरे पांच दिनों तक चलने वाला यह विराट आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक एकता, सेवा भावना, सांस्कृतिक गौरव और सामूहिक सहयोग का भी एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। आज इस महाआयोजन का तीसरा दिन है, और जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे कार्यक्रम की भव्यता, आकर्षण और श्रद्धालुओं की भागीदारी निरंतर बढ़ती जा रही है।
इस भव्य आयोजन की शुरुआत 8 अप्रैल को 1001 कलश यात्रा के साथ हुई, जिसने पूरे ग्राम सलडीह को एक विशाल आध्यात्मिक उत्सव में परिवर्तित कर दिया। हजारों महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर पूरे गांव का भ्रमण किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, भक्ति गीतों की मधुर धुन और “जय जगन्नाथ” के गगनभेदी उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। यह दृश्य इतना मनोहारी और दिव्य था कि हर व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति में डूब गया।

9 अप्रैल को मंडप पूजन, देव पूजन और नामयज्ञ का शुभारंभ हुआ, जिसमें विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सभी धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न किए गए। पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। हर कोई इस पावन अवसर का हिस्सा बनकर भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बना रहा था।


आज 10 अप्रैल, जो इस आयोजन का तीसरा दिन है, विशेष रूप से अग्नि स्थापना, देव पूजन, धान्याधिवास, पुष्पाधिवास और अन्नाधिवास जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठानों के लिए समर्पित है। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। वेद मंत्रों की गूंज, हवन कुंड से उठती पवित्र अग्नि की लपटें और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति मिलकर ऐसा दिव्य वातावरण बना रही हैं, मानो स्वयं देवता इस आयोजन में उपस्थित होकर आशीर्वाद दे रहे हों।

ग्राम सलडीह को इस अवसर पर जिस भव्यता के साथ सजाया गया है, वह किसी बड़े शहर के आयोजन से कम नहीं है। हर घर, हर गली, हर चौक रंग-बिरंगी लाइटों, झंडों और आकर्षक झालरों से सुसज्जित है। रात्रि के समय जब पूरा गांव रोशनी से जगमगाता है, तो ऐसा प्रतीत होता है मानो धरती पर कोई स्वर्गीय नगरी उतर आई हो। मंदिर परिसर में फूलों की सजीव सजावट, भव्य पंडाल, सुंदर रंगोली और आकर्षक मंच सज्जा इस आयोजन की शोभा को कई गुना बढ़ा रहे हैं।

इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता गांव के लोगों की अद्वितीय एकता, समर्पण और सहयोग है। गांव के सभी प्रमुख व्यक्ति, समाजसेवी, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं—सभी ने तन, मन और धन से इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना अमूल्य योगदान दिया है। किसी ने आर्थिक सहयोग किया, तो किसी ने श्रमदान कर सेवा दी। हर व्यक्ति ने अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और लगन के साथ निभाया है, जिससे यह आयोजन एक आदर्श उदाहरण बन गया है।

खाना-पीना और पानी की व्यवस्था इस आयोजन की सबसे प्रशंसनीय और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं में से एक है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के लिए विशाल स्तर पर भोजन प्रसाद की व्यवस्था की गई है। बड़े-बड़े पंडालों में बैठकर श्रद्धालु प्रेमपूर्वक प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। शुद्ध, सात्विक, स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन की गुणवत्ता इतनी उत्तम है कि हर आने वाला व्यक्ति इसकी सराहना करता नहीं थकता। सुबह से लेकर देर रात तक लगातार प्रसाद वितरण किया जा रहा है, जिससे कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।
पेयजल की व्यवस्था भी अत्यंत सुव्यवस्थित और सराहनीय है। जगह-जगह ठंडे पानी के टैंकर, प्याऊ और पेयजल केंद्र स्थापित किए गए हैं। सेवा में लगे स्वयंसेवक हर समय तत्पर रहते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति को समय पर पानी और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। गर्मी के इस मौसम में यह व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

इस भव्य आयोजन में मीना बाजार और विभिन्न झूलों ने एक अलग ही आकर्षण जोड़ दिया है। बच्चों और युवाओं के लिए यह खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। रंग-बिरंगे झूले, खिलौनों की दुकानें, चाट-पकौड़ी और मिठाइयों के स्टॉल पूरे आयोजन को एक विशाल मेले का रूप दे रहे हैं। आसपास के गांवों और क्षेत्रों से आए लोग भी इस मेले का भरपूर आनंद ले रहे हैं।

रात्रि कालीन कार्यक्रमों में उड़ीसा ओपेरा और रामलीला कटक की मनमोहक प्रस्तुतियां इस आयोजन की शोभा को और भी बढ़ा रही हैं। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भक्ति नृत्य, मधुर संगीत और रामलीला की जीवंत झांकियां दर्शकों को भावविभोर कर देती हैं। हर रात हजारों की संख्या में लोग इन कार्यक्रमों को देखने के लिए उमड़ पड़ते हैं, और तालियों की गड़गड़ाहट तथा जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठता है।

गांव के युवाओं की भूमिका इस आयोजन में अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय रही है। उन्होंने व्यवस्था, सुरक्षा, पार्किंग, साफ-सफाई और अन्य सभी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। दिन-रात एक कर वे इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। वहीं बुजुर्गों का मार्गदर्शन और महिलाओं का योगदान इस आयोजन को पूर्णता प्रदान कर रहा है।
इसके साथ ही दूर-दराज के गांवों और शहरों से भी श्रद्धालुओं का लगातार आगमन हो रहा है। लोग अपने परिवार सहित यहां पहुंचकर न केवल भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन कर रहे हैं, बल्कि इस भव्य वातावरण का भी आनंद ले रहे हैं। इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद व्यवस्था इतनी सुदृढ़ और अनुशासित है कि कहीं भी अव्यवस्था देखने को नहीं मिलती। हर आगंतुक के चेहरे पर संतोष, श्रद्धा और प्रसन्नता झलक रही है।


धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का भी सुंदर समन्वय इस आयोजन में देखने को मिल रहा है। दिन में वैदिक मंत्रों और पूजा-अर्चना से वातावरण पवित्र होता है, तो वहीं शाम होते ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगीन छटा पूरे परिसर को जीवंत बना देती है।
महिलाओं की भागीदारी इस आयोजन में अत्यंत प्रेरणादायक रही है। उन्होंने न केवल कलश यात्रा में सक्रिय भूमिका निभाई, बल्कि प्रसाद वितरण, सजावट और अन्य व्यवस्थाओं में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। बच्चों में भी इस आयोजन को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है। वे नए कपड़े पहनकर, मेले का आनंद लेते हुए और कार्यक्रमों में भाग लेकर इस आयोजन को अपने जीवन का यादगार अनुभव बना रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह से मजबूत रखी गई है। स्वयंसेवकों के साथ-साथ प्रशासन का भी पूरा सहयोग मिल रहा है, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संचालित हो रहा है। पार्किंग, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। जगह-जगह कचरा पात्र लगाए गए हैं और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे पूरा परिसर स्वच्छ और सुंदर बना हुआ है।

अब जैसे-जैसे यह भव्य आयोजन अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, श्रद्धालुओं में उत्साह और भी बढ़ता जा रहा है। 11 अप्रैल और 12 अप्रैल को महादान, प्राण प्रतिष्ठा, ध्वजारोहण, पूर्णाहुति, नामयज्ञ समापन और नगर कीर्तन जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ।


सवेरा24न्यूज़
राजेश साव 7240825555

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