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रोजगार सहायक पर गंभीर आरोप, पंचायत से हटाने की मांग

 


०  महासमुन्द/पिथौरा 

ग्राम पंचायत डुमरपाली में पदस्थ रोजगार सहायक प्रेमशीला प्रधान के खिलाफ ग्रामीणों ने गंभीर शिकायत करते हुए उन्हें ग्राम पंचायत से हटाने की मांग की है। ग्रामीणों की ओर से जनपद पंचायत पिथौरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत में रोजगार सहायक पर हितग्राहियों के कार्यों में कथित रूप से टालमटोल करने, कार्यों के बदले पैसे की मांग करने और मनमानी तरीके से काम करने सहित कई आरोप लगाए गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि रोजगार सहायक के रवैये के कारण ग्राम पंचायत के कई हितग्राही परेशान हैं और शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत में कहा गया है कि कई हितग्राहियों के मकान का निर्माण कार्य करीब छह माह पहले ही पूरा हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक उन्हें अंतिम किस्त की राशि तथा रोजगार योजना के तहत मिलने वाली राशि का भुगतान नहीं हुआ है।


आवास की किस्त को लेकर भी सवाल

शिकायत में एक रोजगार सहायक के परिवार से जुड़े आवास का भी उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित आवास का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है, इसके बावजूद उसकी समस्त किस्त की राशि प्राप्त हो चुकी है। साथ ही रोजगार योजना के तहत मिलने वाली राशि भी प्राप्त किए जाने की बात शिकायत में कही गई है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की थी।

मनमानी और दुर्व्यवहार का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि रोजगार सहायक द्वारा हितग्राहियों के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया जाता है तथा कार्यों में मनमानी की जाती है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि काम के बदले पैसे की मांग किए जाने से हितग्राही मजबूरी में पैसे देने के लिए विवश होते हैं। ग्रामीणों के अनुसार ऐसी स्थिति के चलते पंचायत के शासकीय कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।



जांच हुई, लेकिन ग्रामीणों को अब तक नहीं बताया गया परिणाम

मामले को लेकर जनपद पंचायत पिथौरा की ओर से शिकायत के आधार पर जांच की गई। जांच के दौरान संबंधित रोजगार सहायक, शिकायतकर्ताओं तथा ग्राम पंचायत से आवश्यक दस्तावेज और जानकारी ली गई। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद भी ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब तक जांच में क्या तथ्य सामने आए और अधिकारियों ने क्या निष्कर्ष निकाला, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।


ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत और आरोपों से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की थी। अब वे जांच रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने तथा मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी दिए जाने की मांग कर रहे हैं।



ग्रामीणों ने बताया कि पिछले करीब दो वर्षों से रोजगार सहायक की कार्यप्रणाली और कथित दुर्व्यवहार को लेकर शिकायतें की जाती रही हैं। उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए गए हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए और यदि आरोप सही नहीं पाए गए हैं तो इसकी जानकारी भी ग्रामीणों को दी जानी चाहिए।


अधिकारियों से जांच रिपोर्ट और कार्रवाई की जानकारी देने की मांग

ग्रामीणों ने कलेक्टर महासमुंद, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत महासमुंद तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पिथौरा को भी शिकायत की प्रतिलिपि दी है। ग्रामीणों की मांग है कि जांच में सामने आए तथ्यों की जानकारी उन्हें दी जाए और जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई कार्रवाई को स्पष्ट किया जाए।



ग्रामीणों ने रोजगार सहायक प्रेमशीला प्रधान को ग्राम पंचायत डुमरपाली मरपाली से हटाने की मांग करते हुए कहा है कि हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए तथा पंचायत स्तर पर कामकाज पारदर्शी तरीके से होना चाहिए।


फिलहाल जांच हो चुकी है, लेकिन ग्रामीणों को जांच के निष्कर्ष और उसके आधार पर की गई कार्रवाई की जानकारी नहीं मिलने से सवाल उठ रहे हैं। अब ग्रामीण जांच रिपोर्ट और प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई की जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, शिकायत में लगाए गए आरोपों पर संबंधित रोजगार सहायक का पक्ष सामने आना भी बाकी है।


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