भगतदेवरी। पिथौरा विकासखंड के ग्राम भगतदेवरी के सल्डीह रोड़ में तीन महीने से अंधेरा पसरा है। सड़क किनारे लगे स्ट्रीट लाइट फ्यूज पड़े हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग यानी PWD ने आंखें मूंद रखी हैं। ग्रामीण बार-बार शिकायत कर थक चुके हैं, पर विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
*कहां-कहां पसरा है अंधेरा?*
ग्रामीणों ने बताया कि “किरण डेली नीड्स” दुकान और सरस्वती शिशु मंदिर के सामने एवं “महाराज कृषि सेवा केंद्र” के सामने लगे स्ट्रीट लाइट के खंभे तीन महीने से बेजान पड़े हैं। शाम ढलते ही हाईवे का यह हिस्सा घुप्प अंधेरे में डूब जाता है। रात में वाहन चालकों को कुछ सूझता नहीं और हादसे का खतरा हर पल मंडराता रहता है।
*“कई बार बोले, पर सुनता कौन है”*
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे PWD के अधिकारियों को कई बार फोन कर चुके, मौखिक और लिखित दोनों तरह से मरम्मत की मांग कर चुके। हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है, "हो जाएगा", "टीम भेज रहे हैं", लेकिन टीम आई, न लाइट जली।
*रोड़ पर अंधेरा मतलब जान जोखिम में*
भगतदेवरी से गुजरने वाले इस सल्डीह रोड़ पर दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। अंधेरा होने से रात में पैदल चलने वाले ग्रामीण, साइकिल सवार और दोपहिया चालकों की जान हर वक्त खतरे में रहती है। दुकानदारों का कहना है कि अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों की आवाजाही भी बढ़ गई है।
*मेंटेनेंस का पैसा कहां गया?*
सबसे बड़ा सवाल यही है। जब स्ट्रीट लाइट लगाने का टेंडर होता है तो उसमें मेंटेनेंस का प्रावधान भी रहता है। एक LED बदलने में 15 मिनट और 2-3 हजार का खर्च आता है। फिर तीन महीने से काम क्यों रुका है? क्या मेंटेनेंस का बजट सिर्फ कागजों में खर्च हो गया?
*PWD विभाग की चुप्पी, ग्रामीणों में आक्रोश*
तीन महीने बीत जाने के बाद भी PWD विभाग का मूकदर्शक बना रहना ग्रामीणों के गुस्से को बढ़ा रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर हफ्तेभर में लाइट चालू नहीं हुई तो वे कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत करेंगे और जरूरत पड़ी तो रोड़ पर चक्काजाम करेंगे।
*सवाल सीधा PWD विभाग से:* जब अंधेरा दूर करने के लिए लाखों खर्च कर लाइट लगाई थी, तो फ्यूज होने पर बदलने में तीन महीने क्यों लग रहे हैं? भगतदेवरी की जनता जवाब मांग रही है, और इस बार अंधेरा बहुत लंबा खिंच गया है।
रिपोर्टर -खेमराज साहू
सवेरा 24 न्यूज
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