महासमुंद, 30 जून 2026/ राज्य शासन ने किसानों की आय बढ़ाने तथा खेती को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। खरीफ वर्ष 2026 से फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए धान के बदले दलहन-तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास की खेती करने वाले किसानों को अब 15 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।उप संचालक कृषि श्री एफ आर कश्यप ने बताया कि राज्य शासन द्वारा पूर्व में कृषक उन्नति योजना के तहत धान के बदले वैकल्पिक फसलें लेने वाले किसानों को 11 हजार रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही थी। किसानों को अधिकाधिक फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से इस राशि को बढ़ाकर 15 हजार रुपए प्रति एकड़ कर दिया गया है। इसके साथ ही वे किसान जो पूर्व से ही खरीफ मौसम में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास की खेती कर रहे हैं, उन्हें एकीकृत किसान पोर्टल तथा एग्रीस्टैक पर पंजीयन एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे में रकबे की पुष्टि उपरांत मान्य रकबे पर 10 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस पहल से किसानों को पारंपरिक धान खेती के विकल्प के रूप में लाभकारी फसलों की ओर आकर्षित किया जा सकेगा। इससे जल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता में सुधार तथा कृषि लागत में कमी आने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।उप संचालक कृषि श्री कश्यप ने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को एग्रीस्टैक एवं एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। साथ ही डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से फसल एवं रकबे का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन उपरांत पात्र किसानों को स्वीकृत आदान सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से अंतरित की जाएगी। किसान अपने नजदीकी सेवा सहकारी समिति अथवा संबंधित कृषि कार्यालय के माध्यम से पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं।
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