गड़बेड़ा में दशकों पुरानी परंपरा: रथयात्रा के दूसरे दिन लगा भव्य भक्ति मेला



पिथौरा। आस्था और परंपरा का अनोखा संगम पिथौरा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत गड़बेड़ा में पुरानी परंपरा के अनुसार रथयात्रा के दूसरे दिन भव्य भक्ति मेले का आयोजन किया गया। हर वर्ष आषाढ़ माह में निकलने वाली प्रभु जगन्नाथ जी की रथयात्रा के अगले दिन गांव में मेले की परंपरा दशकों से चली आ रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार शाम 5 बजे स्कूल चौक स्थित मेला स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी*


*कीर्तन के साथ निकली रथयात्रा*


श्री राधा कृष्ण जगन्नाथ मंदिर  से फूलों और रंग-बिरंगे कपड़ों से सजे नंदीघोष रथ को कीर्तन मंडली के साथ गांव भ्रमण के लिए निकाला गया। ढोल-मंजीरे और भजन की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने रथ को खींचा। 


*मंदिर के पुजारी महाराज हेमसागर पंडा* ने कहा,  


_"रथयात्रा के दूसरे दिन भगवान के दर्शन और प्रसाद वितरण के साथ भजन-कीर्तन का विशेष आयोजन किया जाता है। यह परंपरा हमारे पूर्वजों के समय से चली आ रही है। भगवान जगन्नाथ सबके आराध्य हैं और इस मेले से गांव में भाईचारे का संदेश जाता है।"_


*मेले में दिखी रौनक*


मेला स्थल पर भजन-कीर्तन मंडलियों, झूलों, खान-पान और घरेलू सामान की दुकानों ने लोगों को खूब आकर्षित किया। सुबह से ही महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग दर्शन और प्रसाद के लिए पहुंचने लगे थे। बच्चों के लिए झूले और खिलौनों की दुकानें आकर्षण का केंद्र रहीं।


*ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती बूंदाबाई नायक* ने कहा,  


_"गड़बेड़ा की यह परंपरा हमारी सांस्कृतिक पहचान है। हर साल ग्रामीण मिलजुलकर इस मेले को सफल बनाते हैं। इस बार भी साफ-सफाई, सुरक्षा और पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई थी ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।"_


*ग्राम विकास समिति ने निभाई अहम भूमिका*


आयोजन को सफल बनाने में ग्राम विकास समिति और ग्रामवासियों ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। समिति के सदस्यों ने यातायात व्यवस्था, मंच संचालन और प्रसाद वितरण में सहयोग किया। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीण जन ने कहा कि यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम भी है।








सवेरा 24 न्यूज़ 
संपादक 
राजेश साव 7240825555

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