बिजेमाल के एके स्मार्ट स्कूल की मान्यता हुई रद्द कलेक्टर के निर्देश पर अगले सत्र से संचालन बंद




बिजेमाल के एके स्मार्ट स्कूल की मान्यता हुई रद्द
कलेक्टर के निर्देश पर अगले सत्र से संचालन बंद, अपूर्ण भवन व विवादित भूमि पर स्कूल संचालन का मामला खबर का असर महासमुंद जिले में शिक्षा के नाम पर खिलवाड़ करने वाले संस्थानों के विरुद्ध प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पिथौरा विकासखण्ड के ग्राम बिजेमाल में बिना मान्यता के संचालित हो रहे एके स्मार्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल को आगामी शिक्षण सत्र 2026-27 से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय जांच समिति की अनुशंसा के बाद यह बड़ा फैसला लिया है।
स्कूल के विरुद्ध बिना मान्यता संचालन, छात्रों को अंकसूची और टीसी जारी न करने जैसी गंभीर शिकायतें मिली थीं। जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अपूर्ण भवन और संसाधनों का अभाव, स्कूल का भवन अभी भी अधूरा है और
बुनियादी सुविधाओं की भारी बच्चों के लिए आवश्यक कमी है। विद्यालय का संचालन विवादित भूमि पर किया जा रहा था। साथ ही स्कूल संचालक के द्वारा फर्जी अंक सूची बांटी जा रहा थी। जिसकी शिकायत विनोद दास ने शिक्षा सचिव से किया था। डीईओ पर मामला दबाने का आरोप लगाया था। इसको लेकर भास्कर ने 11 मार्च को डीईओ ने जिस इंग्लिश मीडियम स्कूल को बंद करने का आदेश दिया, वो अब भी बिना मान्यता के चल रहा शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था।
जिसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। जहां कलेक्टर के निर्देश पर जांच टीम गठित की गई। जांच में शाला के पास मान्यता नहीं होने के कारण फीस वसूली और शिक्षकों के वेतन से संबंधित ऑडिट रिपोर्ट भी पेश नहीं की जा सकी। इसमें डीईओ विजय कुमार लहरे की भी
लापरवाही सामने आई थी। ठंडे मामला संज्ञान और शिकायत मिलने के बाद भी मामला को बस्ते में डाल दिया गया था। कार्रवाई भी नहीं की जा रही थी। जब मामला उजागर हुआ तो कलेक्टर ने संज्ञान लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर विनय लंगेह ने कहा कि बिना मान्यता और अपूर्ण संसाधनों के स्कूल संचालन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए स्कूल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं और बच्चों को सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। बताते चलें कि शिक्षा के नाम पर भर्राशाही की शिकायतें जिले में पहले भी आ चुकी हैं। इस बीच रद्द एके स्मार्ट स्कूल की मान्यता करने संबंधी कार्रवाई से कई स्कूलों में हड़कंप की स्थिति है। यह कार्रवाई बच्चों के भविष्य के लिहाज से सकारत्मक मानी जा रही है। हाईकोर्ट में रिट दायर लेकिन नहीं मिली राहतस्कूल संचालक ने मान्यता प्राप्त करने के लिए एसडीएम पिथौरा के हस्ताक्षर के लिए छग उच्च न्यायालय में रिट अपील दायर की थी। हालांकि, प्रशासनिक जांच रिपोर्ट में कमियां पाए जाने और प्रारूप क पर हस्ताक्षर न होने के कारण शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी स्थिति में मान्यता देना संभव नहीं है। छात्रों के भविष्य की चिंता, सरकारी स्कूलों में होगा प्रवेश प्रशासन ने पालकों और छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए निर्देश जारी किए हैं कि स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों को निकट के शासकीय मान्यता प्राप्त स स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पालकों को इस संबंध में जागरूक किया जाए ताकि बच्चों का शैक्षणिक वर्ष खराब न हो।




रिपोर्टर - खेमराज साहू





सवेरा 24 न्यूज 
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